भारत के मुलनिवासीयों की अपने पहचान के लिए माँग

Authors

  • Gondraje Dr. Birshah Atram

Keywords:

Adivasi, Tribal, Indigenous peoples, Gond

Abstract

आदिवासीयों को केवल 5वी या 6वी सुची मे डालने से या उन्हें मतदान का अधिकार देने से विकास होना असंभव है। इस देश के ट्राईब्स को सभी संवैधानिक अधिकार मिले जो ख्रिच्यन, हिंदु, मुसलमान या अन्य धर्मों को मिलते है। आदिवासीयों के गौरवशाली इतिहास, उनकी संस्कृती, धार्मिक परंपराये और ऐतिहासीक धरोहरों को भारतीय संवैधानिक दर्जा देकर मान्यता और सही सम्मान प्राप्त हो। आदिवासीयों को जनगणना में अपना धर्म लिखने का अधिकार प्राप्त हो तभी उनकी वास्तविक पहचान इस देश में उन्हें मिल सकती है। सरकारी प्राथमिक से उच्च स्नातककोत्तर पाठयक्रम में उनके इतिहास को और बलिदान को यथायोग्य स्थान प्राप्त हो जो सही मायनों में भारत देश मे ट्राईब्स को मुलनिवासी (Aborginals) होने का हक्क दिला सकें।

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Published

2021-05-31

How to Cite

Atram, G. D. B. (2021). भारत के मुलनिवासीयों की अपने पहचान के लिए माँग. AGPE THE ROYAL GONDWANA RESEARCH JOURNAL OF HISTORY, SCIENCE, ECONOMIC, POLITICAL AND SOCIAL SCIENCE, 1(1), 1–12. Retrieved from https://agpegondwanajournal.co.in/index.php/agpe/article/view/1